चांदी में अचानक बड़ी गिरावट: दिन भर की तेजी के बाद MCX पर भारी मुनाफावसूली, एक्सपर्ट्स ने बताई मुख्य वजह

By Ravi Singh

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Alt Text for featured image : चांदी के दाम में अचानक गिरावट, MCX चार्ट पर लाल निशान दिखाते हुए
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“आज MCX पर चांदी के मई वायदा में दिन की शुरुआत में 262,899 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बाद तेज गिरावट आई और बंदी पर 1-2% की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती, लाभ बुकिंग और औद्योगिक मांग में संभावित सुस्ती से चांदी पर दबाव बढ़ा, जबकि भारत में स्थानीय स्तर पर 2.75 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास भाव देखे गए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सुधार अल्पकालिक है और लंबी अवधि में इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत रहेगी।”

चांदी की कीमतों में अचानक टूटन

MCX पर चांदी के प्रमुख अनुबंध में आज सुबह तेजी का रुख दिखा, जहां भाव 2,62,899 रुपये प्रति किलो के उच्च स्तर तक पहुंचे। लेकिन दोपहर के सत्र में भारी बिकवाली शुरू हुई, जिससे कीमतें 2,54,000-2,56,000 रुपये के दायरे में आ गईं। बंदी के समय चांदी में 1.02% तक की गिरावट देखी गई, जबकि पिछले सत्र के मुकाबले 2,635 रुपये प्रति किलो की कमी आई।

वैश्विक स्तर पर भी चांदी का भाव प्रभावित हुआ। कॉमेक्स पर सिल्वर फ्यूचर्स 80.78 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहे थे, जहां दिन में 0.77% की गिरावट दर्ज हुई। यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती से जुड़ी है, जो सुरक्षित निवेश की मांग को कम कर रही है।

भारत में स्पॉट मार्केट में चांदी का भाव 2,75,000 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंचा, जबकि ग्राम के हिसाब से 275-280 रुपये तक देखा गया। पिछले कुछ दिनों में चांदी ने 2.60 लाख से ऊपर का स्तर बनाए रखा था, लेकिन आज की गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया।

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गिरावट के पीछे मुख्य वजहें

एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज की गिरावट कई कारकों का मिश्रण है:

भारी मुनाफावसूली : पिछले हफ्तों में चांदी में 20-25% की तेजी आई थी, जिसके बाद ट्रेडर्स ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा कमाने के लिए बिकवाली की। यह ओवरबॉट स्थिति का सुधार था।

डॉलर की मजबूती : अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती ने डॉलर-डिनॉमिनेटेड कमोडिटी पर दबाव डाला। मजबूत डॉलर से अन्य मुद्राओं में खरीद कमजोर पड़ती है।

ब्याज दरों पर अनिश्चितता : फेड की नीति और मुद्रास्फीति डेटा से जुड़ी आशंकाओं ने प्रेसियस मेटल्स से निवेशकों को दूर किया।

औद्योगिक मांग में संभावित सुस्ती : चांदी का 50% से ज्यादा उपयोग सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV बैटरी में होता है। लेकिन हालिया आंकड़ों से इंडस्ट्रियल सेक्टर में मंदी की आशंका बढ़ी है।

तकनीकी संकेत : चार्ट पर ओवरबॉट RSI और मूविंग एवरेज क्रॉसओवर ने बिकवाली को ट्रिगर किया।

वर्तमान बाजार स्थिति (तालिका)

निवेशकों के लिए सलाह

पैरामीटरमूल्य (MCX, प्रति किलो)बदलाव (%)उच्च स्तरनिम्न स्तर
चांदी मई वायदा2,57,827-0.5%2,62,8992,54,412
स्पॉट चांदी (भारत)2,75,000
वैश्विक (USD/औंस)80.78-0.77%82.5279.95

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह गिरावट सुधारात्मक है और चांदी की लंबी अवधि की संभावनाएं मजबूत हैं। 2026 में सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग से सिल्वर डिफिसिट 67 मिलियन औंस तक पहुंच सकता है। निवेशक 2,50,000-2,55,000 के स्तर पर खरीदारी पर विचार कर सकते हैं।

शॉर्ट टर्म में 2,60,000 के ऊपर स्थिरता बनने पर ही नई पोजीशन लेनी चाहिए। जोखिम प्रबंधन जरूरी है, क्योंकि कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव आम है।

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Disclaimer : यह खबर बाजार के रुझानों और विशेषज्ञ राय पर आधारित है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। बाजार जोखिमों के अधीन है।

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Ravi Singh

मेरा नाम रवि सिंह है, मैं एक कंटेंट राइटर के तौर पर काम करता हूँ और मुझे लेख लिखना बहुत पसंद है। 4 साल के ब्लॉगिंग अनुभव के साथ मैं हमेशा दूसरों को प्रेरित करने और उन्हें सफल ब्लॉगर बनाने के लिए ज्ञान साझा करने के लिए तैयार रहता हूँ।

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