**” पिछले सप्ताह सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में से छह के मार्केट कैप में कुल 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की भारी गिरावट आई, जिसमें आईटी सेक्टर की TCS और Infosys सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं। TCS का मार्केट कैप करीब 90,000 करोड़ रुपये घटकर 9.74 लाख करोड़ पर पहुंचा, जबकि Infosys का 70,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। AI से जुड़ी चिंताओं और ग्लोबल टेक सेलऑफ के कारण यह गिरावट आई है। “**
पिछले एक सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों के वैल्यूएशन में बड़े पैमाने पर गिरावट दर्ज की गई। टॉप 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से छह ने कुल मिलाकर 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का मार्केट कैप खो दिया। इस गिरावट में आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियां TCS और Infosys सबसे आगे रहीं, जहां TCS ने अकेले 90,198 करोड़ रुपये का नुकसान झेला और Infosys का मार्केट कैप 70,780 करोड़ रुपये घट गया।
इस सप्ताह BSE सेंसेक्स में 953 अंक या 1.14% की गिरावट आई, जिसका सीधा असर इन हेवीवेट स्टॉक्स पर पड़ा। TCS का मार्केट कैप अब 9,74,043 करोड़ रुपये पर आ गया है, जो इसे टॉप वैल्यूड कंपनियों की लिस्ट में नीचे धकेल रहा है। Infosys की वैल्यूएशन 5,55,287 करोड़ रुपये रह गई। अन्य प्रभावित कंपनियों में HDFC Bank शामिल है, जिसका मार्केट कैप 54,627 करोड़ रुपये घटकर 13.93 लाख करोड़ पर पहुंचा। Reliance Industries ने 41,883 करोड़ रुपये का नुकसान देखा, जबकि LIC और Bharti Airtel ने क्रमशः 23,971 करोड़ और 19,244 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की।
आईटी सेक्टर पर AI का सबसे बड़ा खतरा
यह गिरावट मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी बढ़ती चिंताओं के कारण है। ग्लोबल स्तर पर AI टूल्स जैसे Anthropic के नए ऑटोमेशन फीचर्स ने आईटी सर्विसेज के ट्रेडिशनल बिजनेस मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन टूल्स से कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू, कॉम्प्लायंस और अन्य काम ऑटोमेट हो सकते हैं, जो पहले आईटी कंपनियां करती थीं। इससे रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ने की आशंका है।
Nifty IT इंडेक्स इस सप्ताह 9-10% तक गिरा, जो मार्च 2020 के बाद सबसे खराब परफॉर्मेंस है। TCS का शेयर 12% से ज्यादा गिरा, जबकि Infosys में 15% तक की गिरावट देखी गई। HCL Tech ने भी 53,647 करोड़ रुपये का मार्केट कैप खोया। यह सेलऑफ US टेक स्टॉक्स की कमजोरी से ट्रिगर हुआ, जहां Nasdaq में गिरावट और मजबूत US जॉब्स डेटा ने फेडरल रिजर्व से जल्दी रेट कट की उम्मीद कम कर दी।
कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट का ब्रेकडाउन
क्या आगे और गिरावट संभव?
| कंपनी का नाम | गिरावट (करोड़ रुपये में) | नया मार्केट कैप (लगभग, करोड़ रुपये में) | मुख्य कारण |
|---|---|---|---|
| TCS | 90,198 | 9,74,043 | AI डिसरप्शन, ग्लोबल सेलऑफ |
| Infosys | 70,780 | 5,55,287 | AI टूल्स से रेवेन्यू रिस्क |
| HDFC Bank | 54,627 | 13,93,621 | एसेट क्वालिटी चिंता |
| Reliance Industries | 41,883 | 19,21,000 | ब्रॉड मार्केट प्रेशर |
| LIC | 23,971 | – | सेक्टरल वीकनेस |
| Bharti Airtel | 19,244 | – | टेलीकॉम सेक्टर प्रभाव |
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर US टेक स्टॉक्स में रिकवरी नहीं हुई तो भारतीय आईटी कंपनियों पर प्रेशर जारी रह सकता है। हालांकि, कुछ ब्रोकरेज का कहना है कि AI से पार्टनरशिप्स और नए डील्स से सेक्टर रिकवर कर सकता है। अगले 3-6 महीनों में AI-लेड डील्स की संभावना पर नजर रखनी होगी।
इस बीच, बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के कुछ स्टॉक्स जैसे SBI और Bajaj Finance में तेजी देखी गई, जो मार्केट में कुछ बैलेंस ला रहे हैं। कुल मिलाकर, यह गिरावट निवेशकों के लिए चेतावनी है कि ग्लोबल फैक्टर्स और टेक्नोलॉजी शिफ्ट्स से भारतीय बाजार कितना प्रभावित हो सकता है।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट बाजार के रियल-टाइम ट्रेंड्स और उपलब्ध डेटा पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च और एडवाइजर से सलाह लें।






