भारत-अमेरिका इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट में भारतीय निर्यातकों को अभूतपूर्व राहत मिली है। चाय, कॉफी, मसाले, नारियल तेल, केला, आम, अमरूद, एवोकाडो, कीवी, अनानास, मशरूम समेत दर्जनों कृषि-हॉर्टिकल्चर उत्पादों पर अमेरिका में शून्य टैरिफ लागू होगा। स्मार्टफोन, जेम्स-डायमंड्स, जेनेरिक दवाओं और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर भी जीरो ड्यूटी जारी रहेगी या लागू होगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, निर्यात में उछाल आएगा और दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 500 अरब डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य साकार हो सकेगा। भारतीय किसानों के संवेदनशील हित पूरी तरह सुरक्षित हैं।
भारत-अमेरिका इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट: शून्य टैरिफ वाले उत्पादों की पूरी सूची
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि इस समझौते से अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। कुल मिलाकर अमेरिका की तरफ से भारत पर लगने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जो चीन, वियतनाम और बांग्लादेश से भी कम है।
कृषि एवं हॉर्टिकल्चर उत्पादों पर शून्य टैरिफ
चाय (टी)
कॉफी
मसाले (स्पाइसेस)
नारियल और नारियल तेल (कोकोनट एंड कोकोनट ऑयल)
कोपरा
वेजिटेबल वैक्स
अरिका नट
ब्राजील नट
काजू नट
चेस्टनट
फल एवं सब्जियां
एवोकाडो
केला (बनाना)
आम (मैंगो)
अमरूद (गुवा)
कीवी
पपीता
अनानास (पाइनएप्पल)
मशरूम (शिटेक मशरूम सहित)
वेजिटेबल रूट्स, प्लांटिंग मटेरियल, सैप
साइट्रस जूस, फ्रूट जैम्स एंड पेस्ट्स
प्रोसेस्ड फूड एवं अन्य
बेकरी प्रोडक्ट्स
कोको प्रोडक्ट्स
तिल के बीज (सेसम सीड्स)
खसखस के बीज (पॉपी सीड्स)
जौ (बार्ले)
कुछ अनाज (सेरियल्स)
औद्योगिक एवं हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स
जेम्स एंड डायमंड्स (गुजरात, महाराष्ट्र, केरल के निर्यातक सीधे लाभान्वित)
जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स (लगभग 13 अरब डॉलर के निर्यात पर जीरो ड्यूटी)
स्मार्टफोन (भारत में बने iPhone, Samsung और अन्य ब्रांड्स पर जारी/भविष्य में जीरो)
एयरक्राफ्ट पार्ट्स
एसेंशियल ऑयल्स
कुछ होम डेकोर आइटम्स (चैंडेलियर्स आदि)
किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा
गोयल ने जोर देकर कहा कि समझौते में कोई भी ऐसा प्रावधान नहीं है जो भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाए। अमेरिका को डेयरी, मीट, पोल्ट्री, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, बाजरा, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, साइट्रस फ्रूट्स, ग्रीन पी, काबुली चना, मूंग, ऑयलसीड्स, एथेनॉल और तंबाकू पर कोई छूट नहीं दी गई। जेनेटिकली मॉडिफाइड उत्पाद भी भारत में नहीं आएंगे।
भारत ने अमेरिका को क्या दिया?
भारत ने अपनी तरफ से वाइन, स्पिरिट्स और कुछ ड्राई फ्रूट्स पर कैलिब्रेटेड ड्यूटी रिडक्शन दिया है, जिससे अमेरिकी उत्पाद भारतीय उपभोक्ताओं को सस्ते मिल सकेंगे। लेकिन कृषि के संवेदनशील सेक्टर को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
आर्थिक प्रभाव
चाय निर्यातक (असम, दार्जीलिंग, नीलगिरि) को सीधा फायदा
फल निर्यातक (महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र, तमिलनाडु, कर्नाटक) को नई मांग
स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग (नोएडा, चेन्नई, बेंगलुरु) को और बूस्ट
फार्मा सेक्टर (हैदराबाद, अहमदाबाद, मुंबई) का 13 अरब डॉलर का निर्यात और मजबूत
कुल लक्ष्य: अगले 5 साल में द्विपक्षीय व्यापार 500 अरब डॉलर
शून्य टैरिफ वाले प्रमुख समूह
| श्रेणी | प्रमुख उत्पाद | अपेक्षित लाभ |
|---|---|---|
| चाय-कॉफी-मसाले | चाय, कॉफी, सभी मसाले | असम, केरल, हिमाचल के किसान |
| फल | केला, आम, अमरूद, एवोकाडो, कीवी, पपीता, अनानास | महाराष्ट्र, UP, TN, AP |
| नट्स-ऑयल | काजू, ब्राजील नट, नारियल तेल, कोपरा | केरल, महाराष्ट्र |
| फार्मा | जेनेरिक दवाएं | 13 अरब डॉलर निर्यात |
| जेम्स-डायमंड्स | हीरे, ज्वेलरी | सूरत, मुंबई, कोचि |
| इलेक्ट्रॉनिक्स | स्मार्टफोन | Apple, Samsung इंडिया यूनिट्स |
यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए नया द्वार खोलता है और Make in India को वैश्विक स्तर पर मजबूती देता है।
Disclaimer यह समाचार रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें दी गई जानकारी किसी निवेश, व्यापारिक फैसले या कानूनी सलाह के रूप में नहीं ली जानी चाहिए।






