“सोने में सुपर-साइकिल शुरू हो चुकी है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेस ने गोल्ड का सबसे आक्रामक टारगेट दिया है – 7500 डॉलर प्रति औंस, जो भारतीय बाजार में ₹2.40 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी टैरिफ और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से यह रैली जारी रह सकती है।”
Gold Price Prediction: गोल्ड पर किसने दिया अब तक का सबसे बड़ा टारगेट प्राइस, ₹2.40 लाख के पार चला जाएगा सोना?
सोने की कीमतें 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं। फरवरी 2026 में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹1.61 लाख से ₹1.62 लाख के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि कुछ शहरों में यह ₹1.61,830 तक पहुंच चुका है। हाल के महीनों में वैश्विक स्तर पर गोल्ड $5,000 प्रति औंस से ऊपर चला गया है, जिससे भारतीय बाजार में भी तेजी देखी जा रही है।
इस बीच, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेस ने सबसे बड़ा और सबसे आक्रामक टारगेट जारी किया है। फर्म का अनुमान है कि सोना 7500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। वर्तमान विनिमय दर और भारत में आयात शुल्क, प्रीमियम को ध्यान में रखते हुए यह भारतीय बाजार में प्रति 10 ग्राम करीब ₹2.40 लाख का स्तर दे सकता है। फर्म ने कहा है कि गोल्ड में नई सुपर-साइकिल शुरू हो चुकी है। मीडियम टर्म में अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़े और राजकोषीय दबाव गहराए, तो यह टारगेट हासिल हो सकता है।
वर्तमान में सोने की कीमतें ₹1.61 लाख प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) के आसपास हैं, जो पिछले साल की तुलना में काफी ऊंची हैं। मोतीलाल ओसवाल का यह अनुमान अन्य प्रमुख ब्रोकरेज और बैंकों से काफी ऊपर है। उदाहरण के लिए:
गोल्डमैन सैक्स ने 2026 के अंत तक $5,400 प्रति औंस का टारगेट दिया है, जो भारतीय बाजार में ₹1.85 लाख से ₹1.90 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब हो सकता है।
जेपी मॉर्गन ने $6,300 तक का अनुमान लगाया है, जो और ऊंचा स्तर दर्शाता है।
यूबीएस और अन्य ने $6,200 तक के प्रोजेक्शन दिए हैं।
लेकिन मोतीलाल ओसवाल का 7500 डॉलर का टारगेट अब तक का सबसे ऊंचा और सबसे बोल्ड है, जो निवेशकों में उत्साह और सतर्कता दोनों पैदा कर रहा है।
सोने की तेजी के प्रमुख कारण
भू-राजनीतिक अनिश्चितता – अमेरिकी टैरिफ नीतियां, वैश्विक व्यापार युद्ध और क्षेत्रीय तनाव सोने को सेफ-हेवन एसेट बना रहे हैं।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी – चीन, भारत सहित कई देश रिजर्व में गोल्ड बढ़ा रहे हैं, जिससे डिमांड मजबूत है।
मुद्रास्फीति और डॉलर की कमजोरी – अमेरिकी डॉलर में गिरावट और मुद्रास्फीति के डर से निवेशक गोल्ड की ओर रुख कर रहे हैं।
भारतीय डिमांड – शादी-विवाह सीजन, त्योहार और निवेश के रूप में सोने की मांग बनी हुई है, भले ही कीमतें ऊंची हों।
शॉर्ट टर्म में क्या संभावना?
विश्लेषकों का कहना है कि 2026 में सोना ₹1.70 लाख से ₹1.90 लाख प्रति 10 ग्राम के रेंज में ट्रेड कर सकता है, लेकिन अगर वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी तो ₹2 लाख आसानी से पार हो सकता है। मोतीलाल ओसवाल का टारगेट लंबी अवधि (मीडियम टर्म) के लिए है, जहां एक्सट्रीम सिनेरियो में ₹2.40 लाख संभव है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेज रैली के बाद कंसोलिडेशन या मामूली करेक्शन भी आ सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
अगर आपके पास पहले से सोना है, तो इसे होल्ड करने पर विचार करें क्योंकि रैली जारी रहने की संभावना मजबूत है।
नए निवेश के लिए डिप्स पर खरीदारी बेहतर रणनीति हो सकती है।
गोल्ड ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या फिजिकल गोल्ड में विविधता बनाए रखें।
वैश्विक घटनाओं पर नजर रखें, क्योंकि अमेरिकी फेड की नीति और चुनावी परिणाम कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
यह रैली सोने को पारंपरिक निवेश से आगे ले जा रही है, लेकिन जोखिम भी बढ़ा रही है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और बाजार विश्लेषण पर आधारित है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है।






