“होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने CBR650R और CB1000 Hornet SP मॉडल्स के कुछ यूनिट्स को रिकॉल किया है, जहां CBR650R में टर्न सिग्नल वायरिंग में शॉर्ट सर्किट का खतरा और CB1000 Hornet SP में इंजन ऑयल कंजम्प्शन की समस्या पाई गई है। प्रभावित बाइक्स दिसंबर 2024 से मई 2025 और सितंबर 2024 से अगस्त 2025 के बीच मैन्युफैक्चर्ड हैं, कंपनी फ्री इंस्पेक्शन और रिपेयर ऑफर कर रही है।”
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने अपने दो प्रीमियम मोटरसाइकिल मॉडल्स CBR650R और CB1000 Hornet SP के चुनिंदा यूनिट्स को रिकॉल करने की घोषणा की है। यह रिकॉल ग्लोबल सर्विस एक्शन का हिस्सा है, जिसमें CBR650R में इलेक्ट्रिकल सिस्टम की समस्या और CB1000 Hornet SP में इंजन से जुड़ी दिक्कत शामिल है। कंपनी ने कहा कि यह कदम राइडर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, और प्रभावित मालिकों को डीलरशिप्स पर फ्री चेकअप और जरूरी रिपेयर उपलब्ध कराया जाएगा।
CBR650R मॉडल में पाई गई समस्या टर्न सिग्नल सिस्टम की वायरिंग से जुड़ी है। वायरिंग पार्ट में गलत तरीके से इंसुलेशन होने के कारण शॉर्ट सर्किट का खतरा है, जो लाइटिंग सिस्टम को प्रभावित कर सकता है और राइडिंग के दौरान दुर्घटना का कारण बन सकता है। यह इश्यू उन यूनिट्स में है जो 16 दिसंबर 2024 से 4 मई 2025 के बीच प्रोड्यूस किए गए। HMSI के अनुसार, इस समस्या से प्रभावित बाइक्स की संख्या सीमित है, लेकिन सभी संभावित यूनिट्स की जांच जरूरी है।
वहीं, CB1000 Hornet SP में इंजन ऑयल कंजम्प्शन की समस्या सामने आई है। पिस्टन रिंग्स की ओरिएंटेशन में गड़बड़ी के कारण इंजन में ऑयल का अनावश्यक खपत हो सकता है, जो लंबे समय में इंजन की परफॉर्मेंस और ड्यूरेबिलिटी को प्रभावित कर सकता है। यह समस्या 30 सितंबर 2024 से 22 अगस्त 2025 के बीच मैन्युफैक्चर्ड यूनिट्स में पाई गई है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि अगर समय पर रिपेयर न किया जाए, तो यह इंजन ओवरहीटिंग या अन्य मैकेनिकल फेलियर का कारण बन सकता है।
रिकॉल प्रोसेस के तहत, HMSI अपने डीलर नेटवर्क के जरिए प्रभावित कस्टमर्स को कॉल, ईमेल और SMS के माध्यम से संपर्क करेगी। BigWing डीलरशिप्स पर फ्री इंस्पेक्शन और जरूरी पार्ट्स की रिप्लेसमेंट की जाएगी। कंपनी ने सलाह दी है कि अगर कोई राइडर अपनी बाइक में असामान्य व्यवहार महसूस करे, जैसे टर्न सिग्नल में समस्या या इंजन से जुड़ी असंगति, तो तुरंत निकटतम डीलर से संपर्क करें।
प्रभावित मॉडल्स की डिटेल्स:
| मॉडल | प्रोडक्शन पीरियड | समस्या | संभावित प्रभाव | रिपेयर प्रोसेस |
|---|---|---|---|---|
| CBR650R | 16 दिसंबर 2024 – 4 मई 2025 | टर्न सिग्नल वायरिंग में शॉर्ट सर्किट का खतरा | लाइटिंग सिस्टम फेलियर, दुर्घटना का जोखिम | वायरिंग इंसुलेशन की जांच और रिप्लेसमेंट |
| CB1000 Hornet SP | 30 सितंबर 2024 – 22 अगस्त 2025 | पिस्टन रिंग्स में ओरिएंटेशन गड़बड़ी से ऑयल कंजम्प्शन | इंजन परफॉर्मेंस में कमी, ओवरहीटिंग | पिस्टन रिंग्स की री-ओरिएंटेशन या रिप्लेसमेंट |
यह रिकॉल इंडियन मार्केट में होंडा की प्रीमियम बाइक्स की बढ़ती डिमांड के बीच आया है, जहां CBR650R और CB1000 Hornet SP जैसे मॉडल्स स्पोर्ट्स और नेकेड स्ट्रीटफाइटर सेगमेंट में पॉपुलर हैं। CBR650R अपनी 649cc इनलाइन-फोर इंजन के साथ 86 bhp पावर और 57 Nm टॉर्क ऑफर करती है, जबकि CB1000 Hornet SP 999cc इंजन से 150 bhp और 104 Nm टॉर्क जनरेट करती है। दोनों मॉडल्स में एडवांस्ड फीचर्स जैसे LED लाइटिंग, डिजिटल इंस्ट्रूमेंटेशन और ABS शामिल हैं, लेकिन ये तकनीकी इश्यूज ब्रांड की रेपुटेशन पर असर डाल सकते हैं।
रिकॉल से जुड़ी महत्वपूर्ण टिप्स:
अपनी बाइक का VIN (Vehicle Identification Number) चेक करें: HMSI की वेबसाइट या ऐप पर जाकर कन्फर्म करें कि आपकी बाइक प्रभावित है या नहीं।
डीलरशिप विजिट: BigWing आउटलेट्स पर अपॉइंटमेंट बुक करें, जहां इंस्पेक्शन 30-45 मिनट में पूरा हो सकता है।
सेफ्टी प्रीकॉशन्स: अगर समस्या महसूस हो रही है, तो बाइक चलाने से बचें और टोइंग सर्विस का इस्तेमाल करें।
वारंटी कवरेज: सभी रिपेयर्स फ्री ऑफ कॉस्ट हैं, और यह वारंटी को प्रभावित नहीं करेगा।
ग्लोबल कनेक्शन: यह रिकॉल यूएस, यूरोप और अन्य मार्केट्स में भी लागू है, जहां समान इश्यूज रिपोर्ट हुए हैं।
HMSI ने जोर दिया कि यह रिकॉल कस्टमर सेफ्टी को प्राथमिकता देने का हिस्सा है, और कंपनी ऐसे मामलों में त्वरित एक्शन लेती है। इंडियन रोड सेफ्टी रेगुलेशन्स के तहत, ऐसे रिकॉल अनिवार्य हैं, और इससे ब्रांड की ट्रांसपेरेंसी बढ़ती है। अगर आपके पास ये मॉडल्स हैं, तो तुरंत चेकअप करवाएं ताकि कोई जोखिम न हो।
अन्य होंडा रिकॉल्स का इतिहास:
होंडा ने पहले भी कई रिकॉल्स जारी किए हैं, जैसे:
CBR1000RR में फ्यूल पंप इम्पेलर की समस्या।
Africa Twin CRF1100 में ECU सॉफ्टवेयर अपडेट।
CB300F में फ्रंट और रियर व्हील स्पीड सेंसर की जांच।
ये उदाहरण दिखाते हैं कि ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में तकनीकी इश्यूज आम हैं, लेकिन समय पर रिकॉल से उन्हें मैनेज किया जा सकता है।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट सूत्रों पर आधारित है। किसी भी सलाह के लिए विशेषज्ञ से संपर्क करें।






