“एक वायरल वीडियो में सेना के एक अधिकारी ने टोल टैक्स से छूट की मांग की, लेकिन कर्मचारी ने शालीनता से नियम समझाते हुए छूट देने से इनकार कर दिया। कर्मचारी ने पूछा कि क्या अधिकारी ड्यूटी पर हैं और उनके पास जॉइनिंग ऑर्डर या मूवमेंट ऑर्डर है? यह घटना टोल छूट के नियमों पर बहस छेड़ रही है, जहां स्पष्ट है कि केवल आधिकारिक ड्यूटी पर तैनात सैन्यकर्मियों को ही छूट मिलती है, न कि छुट्टी या निजी यात्रा पर।”
सेना अधिकारी और टोल कर्मचारी के बीच वायरल बहस: नियम क्या कहते हैं?
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय सेना के एक अधिकारी अपनी महिंद्रा एसयूवी में पत्नी के साथ यात्रा कर रहे थे। टोल प्लाजा पर पहुंचते ही उन्होंने टोल टैक्स देने से इनकार किया और अपना आर्मी आईडी कार्ड दिखाया। अधिकारी का दावा था कि सेना के सेवारत अधिकारी को टोल से छूट मिलनी चाहिए।
टोल कर्मचारी ने विनम्रता से जवाब दिया कि छूट केवल उन सैन्यकर्मियों को मिलती है जो आधिकारिक ड्यूटी पर तैनात हों। उन्होंने अधिकारी से पूछा, “क्या आपके पास जॉइनिंग ऑर्डर हैं?” जब अधिकारी यह दस्तावेज नहीं दिखा पाए, तो कर्मचारी ने स्पष्ट किया कि ऑफ-ड्यूटी या निजी वाहन में यात्रा करने वाले को छूट नहीं मिलती। कर्मचारी ने कहा, “ऑन ड्यूटी पर्सन को छूट है, ऑफ ड्यूटी को नहीं।” पूरी बातचीत के दौरान कर्मचारी शांत और पेशेवर रहा, जिसकी सोशल मीडिया पर सराहना हो रही है।
यह घटना राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल छूट नियमों की असमानता और जागरूकता की कमी को उजागर करती है। NHAI और सड़क परिवहन मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, भारतीय टोल्स (आर्मी एंड एयर फोर्स) एक्ट 1901 के तहत केवल मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के आधिकारिक वाहनों या ड्यूटी पर तैनात सैन्यकर्मियों (वर्दी में या सर्विस वाहन में) को टोल से मुक्ति मिलती है। निजी वाहन में व्यक्तिगत यात्रा, छुट्टी या फैमिली ट्रिप पर कोई छूट नहीं है।
कई मामलों में टोल कर्मचारियों को नियमों की पूरी जानकारी नहीं होती, जिससे असंगतियां सामने आती हैं। उदाहरण के लिए, कुछ प्लाजा पर आईडी कार्ड दिखाने पर सम्मानवश छूट दे दी जाती है, लेकिन यह कानूनी अधिकार नहीं है। हाल के महीनों में महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश मार्ग पर एक सेवारत जवान ने 6 टोल पार किए, जहां पहले तीन बार छूट मिली, लेकिन चौथे पर भुगतान की मांग की गई क्योंकि कर्मचारियों को नियमों की स्पष्टता नहीं थी।
टोल छूट के मुख्य नियम (NHAI गाइडलाइंस के अनुसार):
छूट मिलती है: आधिकारिक ड्यूटी पर तैनात सैन्यकर्मी, वर्दी में या सर्विस वाहन में, मूवमेंट ऑर्डर या जॉइनिंग ऑर्डर के साथ।
छूट नहीं मिलती है: निजी वाहन में छुट्टी, फैमिली ट्रिप, या ऑफ-ड्यूटी यात्रा पर। रिटायर्ड जवान या एक्स-सर्विसमैन को भी कोई छूट नहीं।
अन्य छूट वाले वर्ग: आपातकालीन वाहन (एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड), कुछ सरकारी वाहन, और स्पेशल कैटेगरी (दिव्यांगजन आदि) के लिए अलग नियम।
फास्टैग अनिवार्यता: निजी वाहनों के लिए फास्टैग जरूरी, छूट के दावे पर मैनुअल चेकिंग से बचने की सलाह।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया है। कुछ यूजर्स का मानना है कि सेना के जवानों को हर हाल में सम्मान देते हुए छूट मिलनी चाहिए, जबकि अन्य नियमों का पालन जरूरी बताते हैं। कर्मचारी की शालीनता की तारीफ करते हुए कई लोगों ने कहा कि ऐसे पेशेवर व्यवहार से विवाद कम होते हैं।
NHAI ने स्पष्ट किया है कि टोल ऑपरेटरों को सभी प्लाजा पर लिखित दिशानिर्देश उपलब्ध कराने चाहिए ताकि ऐसी भ्रम की स्थिति न बने। विशेषज्ञों का सुझाव है कि डिफेंस मिनिस्ट्री और NHAI मिलकर स्पेशल एक्सेम्प्टेड फास्टैग या डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करें, जिससे ड्यूटी पर तैनात सैनिकों को आसानी हो और दुरुपयोग रोका जा सके।
Disclaimer: यह खबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और वायरल वीडियो पर आधारित है। नियमों में बदलाव संभव है, इसलिए आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।






