ईरान की क्रांति के दौरान परिवार के साथ सब कुछ खोकर अमेरिका पहुंचे दारा खोसरोशाही ने वहां से नई शुरुआत की। एक्सपीडिया के सीईओ रह चुके इस ईरानी-अमेरिकी उद्योगपति ने 2017 में उबर की कमान संभाली और कंपनी को संकट से उबारकर टेक जगत के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शुमार हो गए। आज वे न्यूयॉर्क और अन्य शहरों में लग्जरी जीवन जी रहे हैं, जहां प्राइवेट जेट, हाई-एंड प्रॉपर्टी और ग्लोबल बिजनेस उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। उनकी कहानी संघर्ष, दृढ़ता और अमेरिकी सपने की मिसाल है।
दारा खोसरोशाही: ईरान से शरणार्थी से उबर के सीईओ तक का सफर
1978 में ईरान में इस्लामिक क्रांति के दौरान दारा खोसरोशाही महज 9 साल के थे। उनके परिवार की संपत्ति और बिजनेस को राष्ट्रीयकृत कर दिया गया। पिता पहले ही देश छोड़ चुके थे, जबकि मां और भाई-बहनों के साथ दारा कुछ सूटकेस लेकर पहले दक्षिणी फ्रांस और फिर अमेरिका पहुंचे। न्यूयॉर्क के टैरीटाउन में चाचा के घर में रहकर उन्होंने नई जिंदगी शुरू की।
एक समय अमीर परिवार से आने वाले खोसरोशाही ने अमेरिका में संघर्ष भरी शुरुआत की। परिवार ने सब कुछ खो दिया था, लेकिन शिक्षा पर जोर दिया। दारा ने ब्राउन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इकोनॉमिक्स में डिग्री हासिल की। करियर की शुरुआत उन्होंने बैंकिंग सेक्टर में की, जहां उन्होंने इन्वेस्टमेंट एनालिसिस में महारत हासिल की।
1998 में वे एक्सपीडिया में शामिल हुए, जो उस समय एक छोटी ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी थी। वहां उन्होंने कंपनी को ग्रोथ के नए मुकाम पर पहुंचाया। 2005 में एक्सपीडिया ग्रुप के सीईओ बने और कंपनी को ग्लोबल ट्रैवल इंडस्ट्री का प्रमुख नाम बनाया। उनके नेतृत्व में एक्सपीडिया ने कई अधिग्रहण किए और रेवेन्यू में भारी उछाल दर्ज किया।
2017 में उबर के बोर्ड ने उन्हें कंपनी का नया सीईओ नियुक्त किया। उस समय उबर विवादों, लीडरशिप क्राइसिस और घाटे में डूबी हुई थी। दारा ने कंपनी की संस्कृति में बड़े बदलाव किए। उन्होंने ट्रांसपेरेंसी बढ़ाई, डायवर्सिटी पर फोकस किया और बिजनेस मॉडल को मजबूत बनाया। एक समय 90 मिलियन डॉलर के डील को ठुकराकर उन्होंने कंपनी को संकट से बचाया। आज उबर वैश्विक स्तर पर लाखों ड्राइवर्स और यूजर्स के साथ मजबूत स्थिति में है।
दारा की नेट वर्थ आज सैकड़ों मिलियन डॉलर में है, जो उन्हें दुनिया के प्रमुख अरबपतियों और हाई-प्रोफाइल एक्जीक्यूटिव्स की सूची में शामिल करती है। वे अमेरिका में लग्जरी लाइफस्टाइल जीते हैं। न्यूयॉर्क में उनके पास हाई-एंड रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी है, जहां वे फैमिली के साथ समय बिताते हैं। प्राइवेट जेट से ग्लोबल ट्रैवल, लग्जरी कार कलेक्शन और टॉप-क्लास इवेंट्स में उनकी मौजूदगी आम है।
उनकी सफलता की कुंजी में ईरानी जड़ें और अमेरिकी अवसरों का मिश्रण है। वे अक्सर इमिग्रेंट्स की कहानियों को सपोर्ट करते हैं और डायवर्सिटी को बिजनेस सक्सेस का आधार मानते हैं। ईरान-इराक युद्ध और क्रांति के बाद जो परिवार बिखर गए, उनमें से कई ने अमेरिका में नई पहचान बनाई। दारा इसी पीढ़ी के सबसे सफल उदाहरण हैं।
उनके फैमिली बैकग्राउंड में ईरानी बिजनेस कम्युनिटी मजबूत रही है। उनके चाचा और रिश्तेदारों ने भी अमेरिका में सफल वेंचर्स स्थापित किए। दारा ने इस नेटवर्क का फायदा उठाया और टेक इंडस्ट्री में प्रवेश किया।
आज वे उबर के अलावा कई बोर्ड्स में शामिल हैं और फिलैंथ्रोपी में सक्रिय हैं। शिक्षा और इमिग्रेशन रिफॉर्म्स पर उनके विचार चर्चित रहते हैं। उनकी जिंदगी साबित करती है कि मुश्किल हालात से निकलकर भी दुनिया के शीर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
मुख्य बिंदु:
क्रांति के दौरान भागना: 1978 में परिवार के साथ ईरान छोड़ा, संपत्ति जब्त हुई।
शिक्षा और शुरुआत: ब्राउन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन, बैंकिंग से करियर शुरू।
एक्सपीडिया में सफलता: 2005 से सीईओ, कंपनी को ग्लोबल ब्रांड बनाया।
उबर की कमान: 2017 से सीईओ, कंपनी को संकट से उबारा।
लग्जरी जीवन: अमेरिका में प्राइवेट जेट, लग्जरी होम्स और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल।
प्रभाव: इमिग्रेंट सक्सेस की मिसाल, डायवर्सिटी एडवोकेट।
Disclaimer: यह एक न्यूज रिपोर्ट है। इसमें व्यक्तिगत राय शामिल नहीं है और जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है।






