केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग में OPS की पूरी बहाली, अग्निवीर योजना को समाप्त करने, कॉन्ट्रैक्ट भर्ती पर रोक और कम्यूटेड पेंशन को 15 की बजाय 11 साल में पूरी तरह बहाल करने जैसी प्रमुख मांगें उठी हैं। AITUC और NC-JCM जैसी यूनियनों ने फिटमेंट फैक्टर 3.0 या उससे अधिक, न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी और NPS/UPS को खत्म करने की मांग की है। सरकार अभी इन पर फैसला लेने की स्थिति में नहीं है, लेकिन MyGov पर सुझाव 16 मार्च 2026 तक खुले हैं।
8th Pay Commission: OPS बहाली, अग्निवीर योजना, कॉन्ट्रैक्ट भर्ती से 11 साल में पूरी पेंशन; ये सुझाव मानेगी सरकार?
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिसमें केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की प्रमुख यूनियनों ने OPS (Old Pension Scheme) की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने आयोग की चेयरपर्सन जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी मांगों में NPS और UPS को पूरी तरह खत्म कर OPS बहाल करने की अपील की है। यूनियन का तर्क है कि पेंशन कर्मचारी का स्थगित वेतन है और यह संवैधानिक अधिकार के तहत आता है।
OPS बहाली की मांग इसलिए जोर पकड़ रही है क्योंकि NPS में योगदान आधारित पेंशन बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर है, जबकि OPS में फिक्स्ड पेंशन और फैमिली पेंशन की गारंटी मिलती है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को NPS से नुकसान हो रहा है और OPS बहाली से सभी कर्मचारियों को एक समान सुरक्षा मिलेगी।
अग्निवीर योजना पर भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। NC-JCM स्टाफ साइड और AITUC ने अग्निपथ स्कीम को शोषणकारी बताया है। चार साल की फिक्स्ड टर्म सर्विस में कोई पेंशन नहीं मिलती और केवल 25% को स्थायी किया जाता है। यूनियनों की मांग है कि अग्निवीर योजना को तत्काल बंद किया जाए और पहले से भर्ती हुए अग्निवीरों को नियमित किया जाए। रक्षा क्षेत्र में OPS बहाली अनिवार्य होनी चाहिए, क्योंकि सैनिकों की सेवा जोखिम भरी है और पेंशन उनकी सुरक्षा का आधार है।
कॉन्ट्रैक्ट भर्ती पर भी रोक की मांग प्रमुख है। कई विभागों में अब स्थायी पदों की बजाय कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती हो रही है, जिससे पेंशन और अन्य लाभ प्रभावित हो रहे हैं। यूनियनों ने आयोग से मांग की है कि सभी भर्तियां नियमित हों और कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को समाप्त किया जाए। इससे कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा बढ़ेगी और पेंशन जैसी सुविधाएं सभी को मिल सकेंगी।
पेंशन कम्यूटेशन की अवधि घटाने का सुझाव काफी चर्चा में है। वर्तमान में कम्यूटेड पेंशन 15 साल में बहाल होती है, लेकिन AITUC ने इसे 11-12 साल करने की मांग की है। इससे पेंशनभोगियों को जल्दी फुल पेंशन मिल सकेगी। साथ ही, DA कैलकुलेशन में बदलाव, लीव एनकैशमेंट को 450 दिनों तक बढ़ाना और न्यूनतम 6% एनुअल इंक्रीमेंट जैसी मांगें भी शामिल हैं।
फिटमेंट फैक्टर पर यूनियनों की मांग 3.0 या उससे अधिक है, जबकि पिछले आयोग में यह 2.57 था। कुछ संगठनों ने मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है, जिसमें लोअर लेवल पर ज्यादा बढ़ोतरी हो। न्यूनतम वेतन ₹54,000 तक ले जाने और फैमिली यूनिट्स को 3 से 5 करने की बात भी उठी है, जिससे फिटमेंट फैक्टर 3 से ऊपर जा सकता है।
8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है, लेकिन रिपोर्ट 18 महीने में आएगी। MyGov पर पब्लिक सुझाव 16 मार्च 2026 तक आमंत्रित हैं। DA जनवरी 2026 में 60% के आसपास पहुंच चुका है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि अगर ये मांगें मानी गईं तो वेतन और पेंशन में 30-50% तक बढ़ोतरी संभव है, लेकिन सरकार की वित्तीय स्थिति और पिछले ट्रेंड्स को देखते हुए पूर्ण OPS बहाली और अग्निवीर समाप्ति चुनौतीपूर्ण लग रही है।
मुख्य मांगों की तालिका:
OPS बहाली : NPS/UPS खत्म कर OPS सभी के लिए लागू।
अग्निवीर योजना : पूरी तरह समाप्त, भर्ती नियमित।
कॉन्ट्रैक्ट भर्ती : रोक लगाकर स्थायी पदों पर फोकस।
कम्यूटेड पेंशन : 15 साल की बजाय 11 साल में रेस्टोरेशन।
फिटमेंट फैक्टर : कम से कम 3.0, मल्टी-लेवल संभव।
अन्य : 6% एनुअल इंक्रीमेंट, लीव एनकैशमेंट 450 दिन, DA फॉर्मूला रिवाइज।
## ये सुझाव आयोग के सामने हैं, लेकिन अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।






