“पाकिस्तान में 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति तोला 5,06,362 पाकिस्तानी रुपये पहुंच गई है, जो देश के इतिहास में पहली बार 5 लाख के पार हुई। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, व्यापार युद्ध की आशंकाएं और सुरक्षित निवेश की मांग से यह उछाल आया। भारत में भी सोने की कीमतों पर असर पड़ रहा है, जहां 24 कैरेट प्रति 10 ग्राम 1,55,000 रुपये के आसपास है।”
पाकिस्तान में सोने की कीमतों ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जहां 24 कैरेट सोने का मूल्य प्रति तोला 5,06,362 पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गया। यह वृद्धि एक ही दिन में 12,700 रुपये की है, जो 10 ग्राम सोने के लिए 10,888 रुपये की बढ़ोतरी के बराबर है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में तेजी का प्रतिबिंब है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना 4,888 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।
इस तेजी से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है, क्योंकि सोना आयात पर निर्भर देश में मुद्रा अवमूल्यन और महंगाई की दर पहले से ही ऊंची है। स्थानीय सर्राफा बाजारों में चांदी की कीमतों में भी 64 रुपये प्रति तोला की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो अब 9,933 रुपये पर पहुंच गई है। यह स्थिति निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित कर रही है, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए आभूषण खरीदना मुश्किल हो रहा है।
वैश्विक कारणों का विश्लेषण
सोने की कीमतों में इस उछाल के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारक जिम्मेदार हैं। अमेरिका में टैरिफ धमकियों और ग्रीनलैंड विवाद ने वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंकाएं बढ़ा दी हैं, जिससे निवेशक स्टॉक मार्केट से हटकर सोने जैसे सुरक्षित एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल पर जांच के कारण केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता पर सवाल उठे हैं, जो डॉलर की कमजोरी को बढ़ावा दे रहा है।
केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की लगातार खरीदारी भी कीमतों को ऊपर धकेल रही है। विश्व स्तर पर वास्तविक ब्याज दरों में गिरावट और मुद्रा विविधीकरण की रणनीति ने सोने को डेबेसमेंट हेज के रूप में मजबूत किया है। 2025 में रिकॉर्ड वृद्धि के बाद 2026 में भी यह ट्रेंड जारी है, जहां विशेषज्ञ 5,000 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाने की भविष्यवाणी कर रहे हैं।
भारत पर संभावित प्रभाव
भारत के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि वैश्विक सोने की कीमतें सीधे घरेलू बाजार को प्रभावित करती हैं। वर्तमान में भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम लगभग 1,55,000 रुपये है, जो एक दिन में 7,000 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्शाती है। 22 कैरेट सोना 1,42,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो भारतीय आयात बिल बढ़ सकता है, जो चालू खाता घाटे को प्रभावित करेगा।
भारतीय निवेशक सोने को मुद्रास्फीति से बचाव के रूप में देखते हैं, लेकिन ऊंची कीमतें त्योहारी सीजन में मांग को कम कर सकती हैं। स्टॉक मार्केट में गिरावट के बीच गोल्ड ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स में निवेश बढ़ रहा है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पोर्टफोलियो में 10-15% सोना रखना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन अस्थिरता को ध्यान में रखें।
ऐतिहासिक कीमतों की तुलना
नीचे दी गई तालिका पाकिस्तान में सोने की कीमतों के हालिया ट्रेंड को दर्शाती है (सभी मूल्य पाकिस्तानी रुपये में प्रति तोला):
| तारीख | 24 कैरेट सोना | दैनिक बदलाव | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 20 जनवरी 2026 | 4,93,662 | +4,300 | रिकॉर्ड ऊंचाई से पहले |
| 19 जनवरी 2026 | 4,89,362 | +7,500 | सिल्वर में भी रिकॉर्ड |
| 18 जनवरी 2026 | 4,81,862 | +5,100 | वैश्विक उछाल की शुरुआत |
| 1 जनवरी 2026 | 4,50,000 | – | वर्ष की शुरुआत |
| 31 दिसंबर 2025 | 4,48,500 | +20,000 | 2025 का अंतिम स्तर |
यह तालिका दर्शाती है कि जनवरी 2026 में कीमतों में तीव्र वृद्धि हुई है, जो 2025 के अंत से 13% से अधिक है।
पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पर असर
इस मूल्य वृद्धि से पाकिस्तान में महंगाई बढ़ सकती है, क्योंकि सोना आभूषण और निवेश दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। देश की मुद्रा पीकेआर पहले से ही डॉलर के मुकाबले कमजोर है, जो आयात को महंगा बनाता है। सरकारी राजस्व पर दबाव पड़ेगा, क्योंकि सोने पर कर वसूली बढ़ानी पड़ सकती है। छोटे व्यापारियों और ज्वेलर्स के लिए स्टॉक रखना चुनौतीपूर्ण हो रहा है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि ग्रीनलैंड संकट और व्यापार युद्ध बढ़ते हैं, तो कीमतें 5,11,000 पीकेआर तक जा सकती हैं। हालांकि, यदि अमेरिकी फेड ब्याज दरों में कटौती करता है, तो और उछाल संभव है। पाकिस्तानी निवेशकों को सलाह है कि लंबी अवधि के लिए सोना रखें, लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग से बचें।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना 4,888 डॉलर प्रति औंस पर है, जो 2025 के रिकॉर्ड को तोड़ चुका है। सिल्वर भी 94.85 डॉलर प्रति औंस पर मजबूत है। एशियाई बाजारों में जापान और चीन में भी सोने की मांग बढ़ी है, जहां केंद्रीय बैंक रिजर्व बढ़ा रहे हैं। यूरोपीय यूनियन में अनिश्चितता ने सोने को हेज के रूप में मजबूत किया है।
भारत-पाकिस्तान व्यापार संबंधों के संदर्भ में, यह वृद्धि सीमा पार व्यापार को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि सोना अनौपचारिक व्यापार का हिस्सा है। भारतीय निर्यातकों को पाकिस्तानी बाजार में प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। कुल मिलाकर, यह घटना वैश्विक अर्थव्यवस्था की नाजुक स्थिति को उजागर करती है।
Disclaimer: This news report is based on market data and expert insights from various sources. It is for informational purposes only and does not constitute investment advice.






