“ट्रंप प्रशासन के सलाहकार पीटर नवैरो ने भारत और चीन में ChatGPT यूजर्स को सेवा देने के लिए अमेरिकी बिजली के इस्तेमाल पर सवाल उठाया है। उन्होंने AI डेटा सेंटर्स द्वारा अमेरिकियों की बिजली लागत बढ़ाने पर चिंता जताई और राष्ट्रपति ट्रंप से मजबूत कार्रवाई की उम्मीद जताई। यह टिप्पणी भारत-अमेरिका व्यापार तनाव के बीच आई है, जहां रूसी तेल आयात पर 50% टैरिफ लगाए गए हैं।”
ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ सलाहकार पीटर नवैरो ने AI डेटा सेंटर्स को निशाना बनाते हुए कहा कि ये केंद्र अमेरिकी बिजली का इस्तेमाल कर भारत और चीन जैसे देशों के यूजर्स को सेवा दे रहे हैं, जिससे अमेरिकियों की लागत बढ़ रही है। उन्होंने ChatGPT का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि OpenAI जैसी कंपनियां US मिट्टी पर काम कर रही हैं, लेकिन विदेशी यूजर्स के लिए बिजली खर्च कर रही हैं। नवैरो ने चेतावनी दी कि AI की बढ़ती मांग से बिजली कीमतों में उछाल आ रहा है, और ट्रंप प्रशासन इस समस्या पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
भारत में AI का तेजी से विस्तार हो रहा है, जहां स्टार्टअप्स और कंपनियां ChatGPT जैसे टूल्स का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रही हैं। नवैरो के अनुसार, ऐसे यूजर्स की वजह से अमेरिकी डेटा सेंटर्स पर दबाव बढ़ा है, जो पहले से ही ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी नागरिकों को AI की वैश्विक मांग का बोझ नहीं उठाना चाहिए, और नीतिगत बदलाव जरूरी हैं।
ट्रंप प्रशासन ने पहले ही भारत पर रूसी तेल आयात के लिए 50% टैरिफ लगाए हैं, और अब AI ऊर्जा मुद्दा नया मोर्चा खोल सकता है। नवैरो ने विदेशी कंपनियों द्वारा अमेरिकी कृषि भूमि की खरीद पर भी सवाल उठाए, दावा किया कि ये सौदे वास्तविक मूल्य से 10 गुना ज्यादा पर हो रहे हैं, जिससे खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ सकती है। उन्होंने भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ करार देते हुए व्यापार समझौते में देरी का जिक्र किया।
AI डेटा सेंटर्स की ऊर्जा मांग वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI मॉडल्स को ट्रेन करने और चलाने के लिए बड़े पैमाने पर बिजली की जरूरत पड़ती है, जो अमेरिकी ग्रिड पर दबाव डाल रही है। ट्रंप ने Big Tech कंपनियों से कहा है कि वे अपनी बिजली लागत खुद वहन करें, ताकि आम अमेरिकी प्रभावित न हों।
नवैरो के मुख्य आरोप
AI यूजर्स पर फोकस : भारत और चीन में ChatGPT के बड़े यूजर्स अमेरिकी बिजली का फायदा उठा रहे हैं।
बिजली लागत में वृद्धि : AI केंद्रों से अमेरिकियों की बिजली बिल में 5% की बढ़ोतरी हुई है।
नीतिगत कार्रवाई : ट्रंप से AI डेटा सेंटर्स पर सख्त कदम की उम्मीद, जिसमें विदेशी यूजर्स के लिए शुल्क शामिल हो सकता है।
व्यापार संबंध : रूसी तेल पर टैरिफ के बाद AI मुद्दा भारत-अमेरिका रिश्तों को प्रभावित कर सकता है।
AI ऊर्जा खपत के प्रमुख आंकड़े
| पैरामीटर | विवरण | प्रभाव |
|---|
| AI डेटा सेंटर्स की मांग | वैश्विक स्तर पर AI केंद्र देश की कुल ऊर्जा उत्पादन से दोगुनी बिजली मांग रहे हैं। | अमेरिकी ग्रिड पर दबाव, कीमतों में उछाल। |





