“ट्रेड टैरिफ टेंशन से भारतीय शेयर बाजार में पांच दिनों की लगातार गिरावट, सेंसेक्स 605 अंक टूटकर 83,576 पर बंद, निफ्टी 194 अंक गिरकर 25,683 पर; निवेशकों को 13 लाख करोड़ रुपये का नुकसान; ट्रंप के 500% टैरिफ बिल से भारत पर असर, FII सेल-ऑफ और ग्लोबल सिग्नल्स ने बढ़ाई दबाव।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500% टैरिफ लगाने वाले बिल का समर्थन करने से भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल आयात करता है, जिससे अमेरिका के मौजूदा 50% टैरिफ और नए प्रस्तावित 500% टैरिफ का सीधा असर निर्यात पर पड़ सकता है। यूएस सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार बाजार को और अस्थिर कर रहा है, जहां टैरिफ की वैधता पर निर्णय आ सकता है।
FII ने लगातार चौथे सेशन में 3,367 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे बाजार में कमजोरी बढ़ी। ग्लोबल मार्केट्स से कमजोर संकेत, एशियाई स्टॉक्स में गिरावट और अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट की प्रतीक्षा ने दबाव डाला। जियोपॉलिटिकल रिस्क से क्रूड ऑयल की कीमतें मजबूत हुईं, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए नुकसानदेह है।
तकनीकी रूप से, निफ्टी ने 20-डे SMA सपोर्ट तोड़ा और डेली चार्ट पर लॉन्ग बेयरिश कैंडल बनाया, जो आगे कमजोरी दर्शाता है। अगर निफ्टी 26,000 के नीचे रहा, तो यह 25,750-25,700 तक गिर सकता है। ऊपर की ओर, 26,000 पार करने पर 26,075-26,100 तक पुलबैक संभव। सेंसेक्स के लिए 84,500 नीचे रहने पर 84,000-83,700 तक गिरावट, जबकि ऊपर 84,800-85,000 तक रिकवरी हो सकती है।
सेक्टर-वाइज इम्पैक्ट में फाइनेंशियल्स, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी और इंडस्ट्रियल्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जहां लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए खरीदारी के मौके हैं। अगर सुप्रीम कोर्ट ट्रंप टैरिफ को अवैध घोषित करता है, तो बाजार में रैली आ सकती है, अन्यथा गहरा गिरावट का खतरा।
प्रमुख आंकड़े:
टॉप रीजन फॉर क्रैश:
ट्रंप टैरिफ अनिश्चितता: रूस ऑयल खरीद पर 500% टैरिफ का खतरा।
FII आउटफ्लो: 3,367 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग।
ग्लोबल कमजोरी: एशियन मार्केट्स और यूएस जॉब डेटा का इंतजार।
क्रूड प्राइस राइज: जियोपॉलिटिकल टेंशन से दबाव।
टेक्निकल ब्रेकडाउन: सपोर्ट लेवल टूटने से बेयरिश सेंटिमेंट।
| इंडेक्स | क्लोजिंग वैल्यू | गिरावट (अंक) | गिरावट (%) | 5-डे गिरावट |
|---|---|---|---|---|
| सेंसेक्स | 83,576.24 | 605 | 0.72 | 2,100+ |
| निफ्टी | 25,683.30 | 194 | 0.75 | 660+ |
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ओवरसोल्ड ऑसिलेटर्स से रिबाउंड संभव, लेकिन 25,776 नीचे जाने पर 200-डे SMA पर 25,039 तक गिरावट हो सकती है। भारत सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक, जहां टैरिफ रिफंड की संभावना $150 बिलियन तक है अगर फैसला ट्रंप के खिलाफ जाता है।
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