Real or Fake Coin: माता रानी, शेर, अशोक चक्र… 10 रुपये के कौन -कौन से सिक्के है असली, अब नहीं होगी कोई कन्फ्यूजन.

By Ravi Singh

Published on:

10 रुपये के विभिन्न डिजाइन वाले असली सिक्कों की क्लोज-अप इमेज, जिसमें माता रानी, शेर और अशोक चक्र दिखाई दे रहे हैं।
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

“आरबीआई के अनुसार, 10 रुपये के सभी सिक्के लीगल टेंडर हैं, चाहे उनके डिजाइन अलग हों। माता वैष्णो देवी, शेर, अशोक चक्र जैसे थीम वाले सिक्के असली हैं। नकली पहचानने के लिए वजन, ध्वनि और किनारों की जांच करें। 14 डिजाइनों की लिस्ट और टिप्स से अब कोई भ्रम नहीं रहेगा, जो बाजार में चल रहे हैं।”

भारत में 10 रुपये के सिक्कों की वैरायटी ने कई बार लोगों को कन्फ्यूज किया है। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि 2026 तक सभी पुराने और नए डिजाइन वैध हैं। ये सिक्के बाय-मेटालिक हैं, जिनमें बाहरी रिंग एल्यूमिनियम-ब्रॉन्ज से और अंदर कपरो-निकल से बनी होती है। व्यास 27 एमएम, मोटाई 1.77 एमएम और वजन 7.71 ग्राम होता है। नकली सिक्के अक्सर हल्के या असंतुलित लगते हैं।

आरबीआई ने 2009 से अब तक 14 डिजाइन जारी किए हैं, जो सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक थीम पर आधारित हैं। इनमें माता वैष्णो देवी (माता रानी) का सिक्का शामिल है, जिसमें शेर की इमेज है, जो वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की सिल्वर जुबली पर 2013 में जारी हुआ। अशोक चक्र वाले सिक्के स्टैंडर्ड हैं, जो एकता इन डायवर्सिटी थीम में 2009 से चल रहे हैं। शेर वाले डिजाइन विशेष रूप से वैष्णो देवी थीम में आते हैं, जहां माता रानी की सवारी शेर दिखाई जाती है।

ये सिक्के रुपए सिंबल के साथ या बिना जारी हुए हैं। पुराने डिजाइन में रुपए सिंबल नहीं होता, लेकिन वे वैध हैं। बाजार में नकली सिक्कों की अफवाहें फैलती रहती हैं, लेकिन आरबीआई कहता है कि सरकारी मिंट से जारी सभी सिक्के असली हैं। 2025 में भी आरबीआई ने प्रेस रिलीज में कन्फर्म किया कि 50 पैसे से 20 रुपये तक के सभी सिक्के लीगल हैं।

See also  8th Pay Commission पर सस्पेंस! कहीं 11वां तो कहीं चल रहा 6वां वेतन आयोग, राज्य कर्मचारियों को कब मिलेगा फायदा?

नकली सिक्के पहचानने के लिए ये टिप्स अपनाएं:

वजन चेक : असली सिक्का 7.71 ग्राम का होता है। नकली अक्सर 6-7 ग्राम के बीच होता है।

ध्वनि टेस्ट : जमीन पर गिराने पर असली सिक्का क्लियर मेटालिक रिंग देता है, जबकि नकली डल साउंड।

किनारे : रीडेड एज होती है, जिसमें 100 से ज्यादा लाइनें। नकली में ये असमान या कम होती हैं।

कलर और फील : बाहरी रिंग गोल्डन-येलो, अंदर सिल्वर। नकली में कलर फीका या चिपकने वाला लगता है।

इंसक्रिप्शन : अशोका पिलर, ‘भारत’ और ‘India’ क्लियर होने चाहिए। नंबर 10 सेंटर में सही अलाइन हो।

मैग्नेट टेस्ट : असली सिक्का मैग्नेट से नहीं चिपकता, क्योंकि नॉन-मैग्नेटिक मटेरियल से बना है।

अगर सिक्का नकली लगे, तो नजदीकी बैंक में रिपोर्ट करें। आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी डिजाइन के सिक्के एक्सचेंज करें। 2026 में साइबर फ्रॉड के साथ नकली करेंसी के केस बढ़े हैं, इसलिए सतर्क रहें।

नीचे 10 रुपये के प्रमुख डिजाइनों की टेबल दी गई है, जो आरबीआई के रिकॉर्ड से ली गई है:

क्रमांकजारी वर्षथीम/डिजाइनप्रमुख फीचर्स
12017श्रिमद राजचंद्र की 150वीं जयंतीराजचंद्र इमेज, रुपए सिंबल
22017नेशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया की 125वीं वर्षगांठआर्काइव बिल्डिंग, अशोक चक्र
32016स्वामी चिन्मयानंद की जन्म शताब्दीस्वामी पोर्ट्रेट, योग मुद्रा
42016डॉ. बीआर अंबेडकर की 125वीं जयंतीअंबेडकर इमेज, संविधान थीम
52015इंटरनेशनल डे ऑफ योगायोगासन, सूर्य नमस्कार
62015महात्मा गांधी की साउथ अफ्रीका से वापसी की शताब्दीगांधी पोर्ट्रेट, जहाज इमेज
72014कोयर बोर्ड की डायमंड जुबलीकोयर इंडस्ट्री सिंबल
82013श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की सिल्वर जुबलीमाता रानी, शेर (लाइन), वैष्णो देवी मंदिर
92012भारतीय संसद के 60 वर्षसंसद भवन, अशोक चक्र
102011न्यू सीरीजस्टैंडर्ड डिजाइन, रुपए सिंबल
112010आरबीआई की 75वीं वर्षगांठआरबीआई लोगो, प्लेटिनम जुबली
122010होमी भाभा जन्म शताब्दीभाभा पोर्ट्रेट, एटॉमिक सिंबल
132009यूनिटी इन डायवर्सिटीअशोक चक्र, हाथ मिलाने वाली इमेज
142009कनेक्टिविटी एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजीकंप्यूटर, नेटवर्क सिंबल

ये सभी डिजाइन बाजार में मिलते हैं। माता रानी वाला सिक्का विशेष रूप से उत्तर भारत में पॉपुलर है, जहां शेर की इमेज धार्मिक महत्व रखती है। अशोक चक्र वाले सिक्के सबसे कॉमन हैं, जो राष्ट्रीय प्रतीक दर्शाते हैं। अगर कोई दुकानदार सिक्का लेने से मना करे, तो यह कानूनी अपराध है, क्योंकि इंडियन कॉइनेज एक्ट के तहत सभी लीगल हैं।

See also  ये है देश का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन, 172 साल पुराना इतिहास; बनाने में कितने हुए खर्च?

2026 में डिजिटल पेमेंट्स बढ़ने से सिक्कों का यूज कम हुआ है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी जरूरी हैं। नकली सिक्कों से बचने के लिए हमेशा ज्ञात स्रोत से लेन-देन करें। अगर बड़े अमाउंट में सिक्के मिलें, तो बैंक में वेरिफाई कराएं। आरबीआई की वेबसाइट पर लेटेस्ट अपडेट चेक करें।

(शब्द संख्या: 582)

Disclaimer: यह लेख सूचना उद्देश्य से है और किसी भी निवेश, कानूनी या वित्तीय सलाह का प्रतिनिधित्व नहीं करता। रिपोर्ट में दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों से संकलित है और परिवर्तनशील हो सकती है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Ravi Singh

मेरा नाम रवि सिंह है, मैं एक कंटेंट राइटर के तौर पर काम करता हूँ और मुझे लेख लिखना बहुत पसंद है। 4 साल के ब्लॉगिंग अनुभव के साथ मैं हमेशा दूसरों को प्रेरित करने और उन्हें सफल ब्लॉगर बनाने के लिए ज्ञान साझा करने के लिए तैयार रहता हूँ।

Leave a Comment