“केंद्र सरकार की 8वीं वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद, लेकिन गठन अभी बाकी; राज्य सरकारें अलग-अलग स्तर पर, केरल में 11वां, पंजाब और पश्चिम बंगाल में 6वां जारी; असम ने सबसे पहले 8वां राज्य वेतन आयोग गठित किया, अन्य राज्यों में देरी संभव।”
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वीं वेतन आयोग का इंतजार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि इसका औपचारिक गठन अभी नहीं हुआ है। जनवरी 2026 से प्रभावी होने की संभावना है, लेकिन सिफारिशें अप्रैल 2027 तक आ सकती हैं, जिसके बाद वेतन और पेंशन में 30-34% की बढ़ोतरी संभव। फिलहाल 7वीं वेतन आयोग के तहत DA 58% पर है, और जनवरी 2026 में 3-5% की और बढ़ोतरी की उम्मीद।
राज्यों में स्थिति असमान है, जहां वेतन आयोगों की संख्या और लागू होने का समय अलग-अलग। कुछ राज्य केंद्र की नकल करते हैं, जबकि अन्य अपनी गति से चलते हैं। असम ने जनवरी 2026 में सबसे पहले 8वें राज्य वेतन आयोग का गठन किया, जो 7 लाख कर्मचारियों के वेतन संशोधन पर काम करेगा। उत्तर प्रदेश में 7वां आयोग दिसंबर 2025 में समाप्त हो चुका, अब 8वें की प्रतीक्षा।
राज्यों में वेतन आयोगों की वर्तमान स्थिति:
| राज्य | वर्तमान वेतन आयोग | प्रमुख अपडेट |
|---|---|---|
| केरल | 11वां | 2021 से लागू, 2026 में संशोधन की चर्चा |
| कर्नाटक | 7वां | 2023 से चालू, केंद्र के साथ तालमेल |
| पंजाब | 6वां | 2021 से प्रभावी, DA में हालिया 4% बढ़ोतरी |
| पश्चिम बंगाल | 6वां | 2019 से लागू (2008 में मंजूर), DA 4% बढ़ा |
| असम | 8वां | जनवरी 2026 में गठित, सिफारिशें 2027 तक |
| उत्तर प्रदेश | 7वां समाप्त | केंद्र के 8वें का इंतजार, राज्य स्तर पर चर्चा |
ये अंतर कर्मचारियों के लिए चुनौती पैदा करते हैं, क्योंकि राज्य सरकारों पर कोई वैधानिक समयसीमा नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, अमीर राज्य जैसे महाराष्ट्र और गुजरात केंद्र की सिफारिशें जल्द अपनाएंगे, जबकि कमजोर अर्थव्यवस्था वाले राज्य 1-2 साल की देरी कर सकते हैं। फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 तक रह सकता है, जो न्यूनतम वेतन को 26,000 से 35,000 रुपये तक ले जा सकता है।
कर्मचारियों के लिए मुख्य प्रभाव:
वेतन संरचना: 8वीं आयोग में पे मैट्रिक्स में 18 स्तर, जहां जूनियर कर्मचारियों को अधिक फायदा (25-30% बढ़ोतरी)।
पेंशन: NPS कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम की मांग, लेकिन नई सिफारिशें OPS को बहाल कर सकती हैं।
भत्ते: HRA 27% से बढ़कर 30%, DA AICPI पर आधारित रहेगा।
अरेयर्स: लागू होने पर जनवरी 2026 से पीछे की तारीख से भुगतान, जो 50 लाख केंद्र कर्मचारियों को 1 लाख तक का लाभ दे सकता है।
राज्य कर्मचारी संगठन दबाव बना रहे हैं, लेकिन बजट दबाव के कारण कई राज्य केंद्र की घोषणा का इंतजार कर रहे। असम का कदम अन्य राज्यों के लिए उदाहरण, लेकिन पंजाब जैसे राज्य अभी 6वें पर अटके।
Disclaimer: यह रिपोर्ट वर्तमान रुझानों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। वित्तीय निर्णय लेने से पहले आधिकारिक स्रोतों से सत्यापन करें।






