“ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500% टैरिफ लगाने वाले बिल को मंजूरी दी है, जिससे भारत के निर्यात पर असर पड़ सकता है। भारत अमेरिका से मिनरल प्रोडक्ट्स, मशीनरी, जेम्स और ज्वेलरी समेत 38.99 बिलियन डॉलर का आयात करता है, जिसमें बादाम और व्हिस्की जैसे उत्पाद शामिल हैं। यह फैसला यूक्रेन युद्ध में रूस को कमजोर करने के लिए है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।”
ट्रंप का 500% टैरिफ बिल: पृष्ठभूमि और कारण
ट्रंप प्रशासन ने रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 500% टैरिफ लगाने वाले द्विपक्षीय बिल को हरी झंडी दी है। यह बिल सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा पेश किया गया, जो उन देशों को दंडित करने का लक्ष्य रखता है जो रूस से सस्ता तेल खरीदकर मॉस्को की अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। भारत, जो रूस से अपने कुल तेल आयात का 40% से अधिक हिस्सा लेता है, इसकी चपेट में आ सकता है। ट्रंप का तर्क है कि ऐसे देश यूक्रेन युद्ध को लंबा खींच रहे हैं, इसलिए अमेरिका उन्हें आर्थिक रूप से दबाएगा।
यह फैसला भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर दबाव बढ़ा सकता है, जहां भारत पहले से ही अमेरिकी सामानों पर जवाबी टैरिफ लगा चुका है। अगर 500% टैरिफ लागू होता है, तो भारत के अमेरिका को निर्यात प्रभावित होंगे, जैसे फार्मास्यूटिकल्स (6 बिलियन डॉलर), जेम्स और ज्वेलरी (10 बिलियन डॉलर) और टेक्सटाइल्स (8 बिलियन डॉलर)।
भारत अमेरिका से क्या आयात करता है? प्रमुख उत्पाद और मूल्य
2025 में भारत ने अमेरिका से कुल 38.99 बिलियन डॉलर का आयात किया, जो 2024 से 10% अधिक है। नीचे टेबल में प्रमुख आयात उत्पादों की सूची दी गई है, जिसमें बादाम और व्हिस्की जैसे उपभोक्ता सामान शामिल हैं। ये आंकड़े संयुक्त राष्ट्र COMTRADE डेटाबेस पर आधारित हैं।
| उत्पाद श्रेणी | प्रमुख उदाहरण | 2025 आयात मूल्य (बिलियन डॉलर) | प्रतिशत हिस्सा |
|---|---|---|---|
| मिनरल प्रोडक्ट्स | कच्चा तेल, कोयला | 8.5 | 22% |
| जेम्स और ज्वेलरी | डायमंड्स, गोल्ड | 7.2 | 18% |
| मशीनरी और मैकेनिकल अप्लायंसेज | टर्बाइन, पंप | 6.8 | 17% |
| एडिबल फ्रूट्स और नट्स | बादाम, सेब, वॉलनट्स | 3.1 | 8% |
| केमिकल्स | ऑर्गेनिक केमिकल्स | 2.9 | 7% |
| इलेक्ट्रिकल मशीनरी | सर्किट्स, ट्रांसफॉर्मर्स | 2.5 | 6% |
| ऑप्टिकल इंस्ट्रूमेंट्स | मेडिकल डिवाइसेज | 2.2 | 6% |
| एयरक्राफ्ट और पार्ट्स | बोइंग कंपोनेंट्स | 1.8 | 5% |
| प्लास्टिक्स | पॉलीमर्स | 1.5 | 4% |
| बेवरेजेस | व्हिस्की (जैसे Jack Daniel’s) | 0.9 | 2% |
| अन्य | पेपर, व्हीकल्स | 1.5 | 5% |
बादाम आयात मुख्य रूप से कैलिफोर्निया से आते हैं, जहां भारत कुल अमेरिकी बादाम उत्पादन का 30% खरीदता है। व्हिस्की में अमेरिकी ब्रैंड्स जैसे bourbon लोकप्रिय हैं, लेकिन मौजूदा 150% टैरिफ के कारण कीमतें पहले से ऊंची हैं। अगर भारत जवाबी कार्रवाई करता है, तो ये उत्पाद और महंगे हो सकते हैं।
ट्रंप के फैसले के पीछे क्या? प्रमुख बिंदु
यूक्रेन युद्ध दबाव : ट्रंप का मुख्य उद्देश्य रूस की तेल आय को घटाना है, जो युद्ध फंडिंग का 40% है। भारत ने 2025 में रूस से 50 मिलियन टन तेल खरीदा, जो सस्ता होने से भारत की मुद्रास्फीति नियंत्रण में मदद करता है।
व्यापार असंतुलन : अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा 2025 में 30 बिलियन डॉलर रहा, जहां भारत अधिक निर्यात करता है। ट्रंप इसे ‘अनुचित’ मानते हैं और पारस्परिक टैरिफ की वकालत करते हैं।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा : अगर भारत रूस से तेल कम करता है, तो सऊदी अरब या अमेरिका से आयात बढ़ सकता है, लेकिन कीमतें 20% तक ऊंची होंगी। इससे पेट्रोल-डीजल दरें प्रभावित होंगी।
पिछले विवाद : 2019 में ट्रंप ने भारत पर स्टील टैरिफ लगाए, जवाब में भारत ने अमेरिकी बादाम पर 70% और व्हिस्की पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया। यह नया बिल उस पैटर्न को दोहरा सकता है।
आर्थिक प्रभाव : अगर 500% टैरिफ लागू होता है, भारत की जीडीपी ग्रोथ 0.5% घट सकती है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र अनुमान के अनुसार 2025-26 में 7.2% ग्रोथ बनी रहेगी, मजबूत घरेलू मांग से।
संभावित प्रभाव और रणनीतियां
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता तेज हो सकती है, जहां भारत रूस से तेल कम करने का वादा कर टैरिफ से बच सकता है। प्रमुख क्षेत्र जैसे आईटी सर्विसेज (भारत से अमेरिका को 50 बिलियन डॉलर निर्यात) प्रभावित होंगे। भारत वैकल्पिक बाजार जैसे यूरोप या एशिया की ओर रुख कर सकता है।
Disclaimer: यह लेख सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से है और किसी निवेश, कानूनी या वित्तीय सलाह का प्रतिनिधित्व नहीं करता। सभी डेटा सार्वजनिक स्रोतों से संकलित है और परिवर्तनशील है।






